नई दिल्ली
इंग्लैंड के चोटिल तेज गेंदबाज मार्क वुड को उम्मीद है कि वह भारत के खिलाफ 31 जुलाई से ओवल में खेले जाने वाले पांचवें और अंतिम टेस्ट से पहले फिट होकर चयन के लिए उपलब्ध रहेंगे। भारत के खिलाफ पहले मैच में इंग्लैंड के तीन तेज गेंदबाज बुरी तरह फ्लॉप रहे। क्रिस वोक्स, ब्रायडन कार्स और जोश टंग उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके। जिसकी वजह से भारतीय टीम पहले दिन 359 रन बनाने में कामयाब रही। वुड के ना होने से इंग्लैंड की टीम को बड़ा नुकसान हुआ है।
मार्क वुड फिलहाल घुटने की सर्जरी के बाद ‘रिहैबिलिटेशन’ की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। इस 35 वर्षीय खिलाड़ी को इस वर्ष की शुरुआत में चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान बाएं घुटने में चोट लगी थी और मार्च में उन्हें सर्जरी करानी पड़ी थी। वुड ने बीबीसी टेस्ट मैच स्पेशल से कहा, ‘‘रिहैब अच्छा चल रहा है। मैंने अभी हल्की गेंदबाजी शुरू की है, इसलिए मैं अब वापसी की राह पर हूं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अब भी इस सीरीज में खेलने की उम्मीद है, इसलिए मैं उन खिलाड़ियों पर नजर रख रहा हूं, जिनसे मेरा सामना हो सकता है। मैं अभी अंतिम टेस्ट को लक्ष्य बना रहा हूं। उससे पहले कुछ भी कहना शायद थोड़ा जल्दबाजी होगा। हो सकता है कि मैं अंतिम टेस्ट मैच में भी नहीं खेल पाऊं लेकिन अभी मेरा ध्यान इस बात पर केंद्रित है कि मैं उस मैच में अपनी भूमिका निभा सकता हूं।’’
इंग्लैंड हाल के दिनों में अपने सबसे कम अनुभवी गेंदबाजी आक्रमण के साथ पहले मैच में उतरा है, जिसमें जेम्स एंडरसन संन्यास ले चुके हैं, जबकि जोफ्रा आर्चर और मार्क वुड की जोड़ी चोटिल है, जिससे कार्स और क्रिस वोक्स जैसे गेंदबाजों को अतिरिक्त जिम्मेदारी उठानी पड़ेगी।
एंडरसन भारत के खिलाफ सबसे सफल गेंदबाज रहे थे। भारत के खिलाफ 39 टेस्ट मैच में एंडरसन ने 25.47 की शानदार औसत से 149 विकेट चटकाए। भारत में सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों को संघर्ष करना पड़ा लेकिन एंडरसन ने अपने कौशल की बदौलत विपरीत परिस्थितियों में 17 टेस्ट मैच में 44 विकेट लिए।

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