बिलासपुर
महिला के साथ ऑनलाइन ठगी के एक मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने महिला से 59 लाख रुपये की ठगी को अंजाम देने वाले चार आरोपियों को मध्य प्रदेश की महू पुलिस ने गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपी देशभर में लोगों से साइबर ठगी कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार, गिरोह के सदस्यों ने फ्राड करते हुए रुपये जमा कराने के लिए 10 खातों का उपयोग किया। इसके अलावा 15 अन्य खातों की भी जानकारी मिली है। अब तक इस प्रकरण में प्रारंभिक स्तर पर 10 आरोपित मिले हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सिविल लाइन थाना क्षेत्र निवासी एक महिला ने 59 लाख रुपये के फ्राड की शिकायत की थी। इसमें बताया था कि कुछ लोगों ने उन्हें वाट्सएप-इंस्टाग्राम ग्रुप में जोड़ा और शेयर मार्केट में लाभ का लालच दिया। आरोपितों ने महिला से अलग-अलग खातों में रुपये जमा करवाए। इसके बाद लाखों रुपये का मुनाफा दिखाया।
महिला से जनवरी से मई माह तक 10 खातों में 59 लाख रुपये जमा करवाए। जिससे फर्जी तरीके से ट्रेडिंग एप पर शेयर खरीदना दिखाते थे। मई माह तक महिला को डेढ़ करोड़ रुपये का लाभ बताया। जब महिला ने रुपये निकालने की बात कही तो वह टालने लगे।
महू निवासी अर्पित साल्वे ने अकाउंटेट बनकर महिला से बात की। उसने एक दो दिन में रुपये जमा करने की बात कही और एक सप्ताह बाद फोन उठाना बंद कर दिया। इस पर महिला को ठगी का अहसास हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने केस को सेंसेटिव कर दिया है।
मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसमें बिलासपुर पुलिस की टीम ने मध्य प्रदेश के टीम की भी मदद ली। पुलिस टीम ने ललित पुत्र सुरेंद्र सिंह (32) वर्तमान निवासी धारनाका मूल निवासी बुलंदशहर उत्तर प्रदेश, बबलू उर्फ कमलजीत पुत्र दिलावर चौहान (38) निवासी अयोध्यापुरी कालोनी कोदरिया, अर्पित पुत्र संतोष साल्वे (30) निवासी गिरनार सिटी गुजरखेड़ा और रोहित पुत्र बहादुर निषाद (25) निवासी धारनाका को गिरफ्तार किया।

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