ज्ञान, बुद्धि के देवता विघ्ननहर्ता भगवान श्री गणेश का जन्मोत्सव 10 दिनों तक चलता है जिसे गणेश उत्सव के नाम से जाना जाता है. भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाने वाला पर्व गणेश चतुर्थी हर साल मनाया जाता है. हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से गणेश उत्सव शुरू होता है. गणेश चतुर्थी के दिन, भगवान गणेश को बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य के देवता के रूप में पूजा जाता है.
भगवान गणेश का जन्म मध्याह्न काल के दौरान हुआ था इसीलिए मध्याह्न के समय को गणेश पूजा के लिये ज्यादा उपयुक्त माना जाता है. इस दौरान भक्त-लोग पूरे विधि-विधान से गणेश पूजा करते हैं.
कब हुआ था भगवान गणेश का जन्म?
भगवान गणेश जी का जन्म भाद्रपद माह में शुक्ल पक्ष के दौरान हुआ था.हर साल यह पर्व अगस्त या सितंबर के महीने में मनाया जाता है. गणेशोत्सव अनन्त चतुर्दशी के दिन समाप्त होता है और इस दिन विर्सजन किया जाता है. अनन्त चतुर्दशी के दिन श्रद्धालु बड़े ही धूम-धाम के साथ भगवान गणेश की प्रतिमा का सरोवर, झील, नदी में विसर्जन करते हैं.
गणेश चतुर्थी 2025 कब?
चतुर्थी तिथि की शुरूआत 26 अगस्त, 2025 को दोपहर 01:54 बजे होगी.
चतुर्थी तिथि समाप्त 27 अगस्त, 2025 को दोपहर 03:44 पर होगी.
गणेश विसर्जन 6 सितंबर, 2025 शनिवार के दिन किया जाएगा.
गणेश चतुर्थी पर मध्याह्न पूजा मुहूर्त सुबह 11:05 से दोपहर 01:40 तक रहेगा. जिसकी कुल अवधि – 02.34 मिनट्स रहेगी.
भगवान गणेश का जन्म मध्याह्न के सम हुआ था.इस दिन को पांच हिस्सों में बांटा जाता है. इसमें मध्याह्न काल को गणेश पूजा के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है. इसीलिए इस दिन मध्याह्न काल में पूजा जरूर करें. इस दौरान आप मूर्ति स्थापना कर सकते हैं.

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