वायनाड
केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने वायनाड के पूकोड स्थित सरकारी पशु चिकित्सा कालेज के एक छात्र की मौत को लेकर भारी हंगामे के बीच उस मेडिकल छात्र के घर जाकर स्वजनों को दिलासा दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में राजनीतिक हिंसा को बढ़ावा दिया जाता रहा है। वह सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करते हैं कि अपनी रणनीतियों को लेकर पुनर्विचार करें और राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए हिंसा का त्याग करें।
छह लोगों को किया गिरफ्तार
वहीं, केरल पुलिस ने इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के लिए एक और व्यक्ति को पलक्कड़ से हिरासत में लिया गया है। पुलिस के अनुसार 18 फरवरी को 20 साल के जेएस सिद्धार्थ को हॉस्टल के कमरे के बाथरूम में फांसी पर लटका पाया गया था। इस सिलसिले में 29 फरवरी को छह लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने अब इस मामले को अस्वाभाविक मौत के तौर पर इसकी जांच शुरू कर दी है।
सत्तारूढ़ माकपा की छात्र इकाई पर लगा आरोप
सिद्धार्थ के परिवार का आरोप है कि आरोपित सत्तारूढ़ माकपा की छात्र इकाई एसएफआई के हैं, इसलिए कॉलेज आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रहा है। उनका कहना है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या का मामला है। केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि केरल में सौ प्रतिशत साक्षरता होने और महान सांस्कृतिक विरासत होने के बावजूद कुछ ताकतें समाज को राजनीतिक हिंसा की ओर बढ़ा रही हैं। युवाओं को हिंसा करने के तरीकों से प्रशिक्षित करके बदगुमानी और धौंस बाजी सिखाई जा रही है। उन्होंने केरल के समाज से अपील करते हुए कहा कि सभी दल अपनी रणनीतियों पर फिर से विचार करें। उन्होंने आरोप लगाया कि सिद्धार्थ की मौत के मामले में एसएफआई शामिल है।
एसएफआई ने आरोपों से किया इनकार
हालांकि, एसएफआई ने इन आरोपों से इनकार किया है। जबकि कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि वह शुक्रवार को सिद्धार्थ के घर गए थे। उन्होंने सत्तारूढ़ माकपा पर प्रहार करते हुए कहा कि एसएफआई के लोगों की प्रताड़ना से उसकी मौत हुई है।

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