मनेंद्रगढ़.
छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रशासनिक व्यवस्था में कसावट लाते हुए राज्य में बड़े पैमाने पर अधिकारियों के तबादले किए हैं। राज्य शासन द्वारा ‘महानदी भवन’ से जारी इस नवीन आदेश के तहत कई जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और प्राचार्यों के प्रभार में भारी फेरबदल किया गया है।
इस पूरी सूची में सबसे बड़ा और संवेदनशील एक्शन मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले में देखने को मिला है, जहाँ सुशासन की कसौटी पर खरे न उतरने वाले अधिकारियों पर कड़ा रुख अपनाया गया है। रविशंकर विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में 16 जून से शुरू होगा एडमिशन… खाद-बीज संकट को लेकर कांग्रेस करेगी प्रदर्शन… राजधानी के कई इलाकों में आज शाम जलापूर्ति रहेगी बाधित
सुशासन तिहार की फटकार और खराब रिज़ल्ट
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले के जिला शिक्षा अधिकारी आरपी मिरे का तबादला कर दिया गया है। गौरतलब है कि हाल ही में घोषित हुए कक्षा 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षा परिणामों में एमसीबी (MCB) जिला पूरे प्रदेश में सबसे आखिरी पायदान पर रहा था। शिक्षा के गिरते स्तर को लेकर शासन स्तर पर भारी असंतोष था। इसके अलावा, ‘सुशासन तिहार’ के तहत जब मुख्यमंत्री स्वयं एमसीबी जिले के चिरमिरी में मैराथन समीक्षा बैठक ले रहे थे, तब विभागीय लापरवाही और लचर कार्यप्रणाली को लेकर उन्होंने तत्कालीन डीईओ आरपी मिरे को जमकर फटकार भी लगाई थी। मुख्यमंत्री की इसी सख्त नाराजगी और खराब परफॉर्मेंस का सीधा असर इस तबादला आदेश में देखने को मिला है, जहाँ मिरे को हटाकर लोक शिक्षण संचालनालय के विकल्प पर रखा गया है।
रविकांत यादव बने प्रभारी डीईओ
जिले में पटरी से उतरी स्कूली शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने और सुशासन को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए शासन ने अब रविकांत यादव (विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी) पर भरोसा जताया है। रविकांत यादव को तत्काल प्रभाव से मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले का नया प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी नियुक्त किया गया है। उनके सामने अब जिले के शैक्षणिक स्तर को सुधारने और आगामी बोर्ड परीक्षाओं में जिले को शीर्ष पर लाने की एक बेहद चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी होगी।

More Stories
बच्चों के सुरक्षित कल के लिए धमतरी में साझा हुए पेरेंटिंग के नए मंत्र
बस्तर में सड़क विकास को मिलेगी नई गति : सांसद महेश कश्यप ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से की मुलाकात
जनजातीय विभाग की बड़ी पहल: प्रदेश में वर्ष 2027 तक नए स्वरूप में 450 आश्रम-छात्रावास बनकर होंगे तैयार