भोपाल
राजस्व वसूली में लापरवाही बरतने वाले सात जोनल अधिकारी और 31 वार्ड प्रभारियों का वेतन रोक दिया गया है। इसके निर्देश गुरुवार को नगर निगम मुख्यालय अटल भवन में आयोजित समय-सीमा की बैठक में नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने दिए। इसमें जोन क्रमांक दो, तीन, चार, पांच, 10, 15 तथा 17 के जोनल अधिकारियों एवं इन वार्डों के 31 वार्ड प्रभारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।
निगम आयुक्त ने प्रभावी वसूली सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
बैठक में निगम आयुक्त ने कहा कि निगम सीमा की सभी संपत्तियों का वास्तविक क्षेत्रफल के आधार पर कर निर्धारण किया जाए और कर के दायरे से बाहर संपत्तियों की नई आईडी बनाकर राजस्व बढ़ाया जाए। बैठक में आयुक्त ने संपत्तिकर, जल उपभोक्ता प्रभार, लीज रेंट और किराए की बकाया राशि की प्रभावी वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बकायादारों के खिलाफ कुर्की और तालाबंदी की कार्रवाई की जाए। साथ ही भवन अनुज्ञा के अनुरूप कर निर्धारण नहीं करने और भवनों का सत्यापन लंबित रखने वाले सभी सहायक आयुक्तों एवं राजस्व अधिकारियों (मोहित नागर को छोड़कर) का वेतन भी रोकने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने सार्वजनिक स्थानों पर बैनर-पोस्टर, दीवार लेखन और गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ स्पाट फाइन लगाने, दीवारों की पुताई कर खर्च संबंधित लोगों से वसूलने तथा 2,000 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र वाले परिसरों को बल्क वेस्ट जनरेटर के रूप में पंजीकृत करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा शहर में विशेष अभियान चलाकर आवारा पशुओं और श्वानों को पकड़ने तथा भवन अनुज्ञा शुल्क और अन्य मदों से राजस्व बढ़ाने पर भी जोर दिया।

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