भोपाल
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को बिहार के हाजीपुर की अदालत से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने 14 साल पुराने मानहानि के मामले में उन्हें बरी कर दिया है। अवर मुख्य न्यायाधीश अभिमन्यु कुमार ने मामले की अंतिम सुनवाई के दौरान फैसला सुनाया। दिग्विजय सिंह वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अदालती कार्यवाही में शामिल हुए।
दिग्विजय सिंह की ओर से अदालत में पैरवी कर रहे अधिवक्ता युवराज सुनील सिंह ने बताया कि यह मामला वर्ष 2012 में बाबा रामदेव को लेकर की गई कथित टिप्पणी से जुड़ा था। उस समय हाजीपुर के भाजपा नेता प्रो. अजीत कुमार सिंह ने स्थानीय सिविल कोर्ट में दिग्विजय सिंह के खिलाफ मानहानि का परिवाद दायर किया था।
बाबा रामदेव पर टिप्पणी को लेकर दर्ज हुआ था केस
अधिवक्ता के अनुसार, शिकायत में आरोप लगाया गया था कि दिग्विजय सिंह ने बाबा रामदेव के खिलाफ कथित तौर पर अपशब्दों का इस्तेमाल किया था। इसी टिप्पणी को आधार बनाकर उनके खिलाफ मानहानि की कार्रवाई शुरू की गई थी।
करीब डेढ़ दशक तक चले इस मामले में अदालत ने अंतिम सुनवाई के बाद दिग्विजय सिंह को आरोपों से बरी कर दिया। फैसले के बाद उनके पक्ष की ओर से इसे महत्वपूर्ण कानूनी राहत बताया गया है।
वीसी से सुनवाई में जुड़े दिग्विजय
मामले की अंतिम सुनवाई के दौरान दिग्विजय सिंह वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत की कार्यवाही में शामिल रहे। उनके अधिवक्ता ने अदालत के फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि 2012 में दर्ज हुए इस मानहानि प्रकरण का अब न्यायिक प्रक्रिया के तहत पटाक्षेप हो गया है।

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