भोपाल
प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों को स्वच्छ बनाये रखने के लिये मिलकर कार्य करने की जरूरत है। स्वच्छता के मामले में मध्यप्रदेश की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान है। इस पहचान को बरकरार रखना नगरीय निकायों के लिये चुनौतीपूर्ण है। इसके लिये नगरीय निकायों को आगामी 10 वर्ष के लिये स्वच्छता की कार्य-योजना तैयार करनी होगी। इसी के साथ नगरीय निकायों को क्षमतावर्धन के लिये रणनीति भी तैयार करनी होगी। यह विचार आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री संकेत एस. भोंडवे की अध्यक्षता में हुई कार्यशाला में व्यक्त किये गये।
कार्यशाला का उद्देश्य राज्य स्तर पर चयनित स्वच्छता नॉलेज पार्टनर्स से सीधा संवाद करना था। कार्यशाला में 45 नगरीय निकायों के अधिकारियों ने सहभागिता की। कार्यशाला में केपेसिटी बिल्डिंग नीड असिस्मेंट (सीबीएनए) के माध्यम से क्षमताबर्धन आवश्यकताओं को चिन्हित करने पर जोर दिया गया। कार्यशाला भोपाल के भारतीय वन प्रबंधन संस्थान में आयोजित की गयी। कार्यशाला में नगरीय निकायों की स्थितियाँ, प्राथमिकताएँ, निकायों और राज्य की अपेक्षाओं जैसे विषयों पर चर्चा की गयी। कार्यशाला में राष्ट्रीय स्तर की 4 स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

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