नई दिल्ली
गगनयान मिशन का इंतजार कर रहे भारत को मंगलावर को बड़ी खुशखबरी मिली है। केरल के तिरुवनंतपुरम में विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को चुने गए चार एस्ट्रोनॉट्स से रूबरू कराया। भारतीय वायुसेना के इन वीरों को अंतरिक्ष में जाने के लिए चुना गया है। खास बात है कि कई उम्मीदवारों की जांच के बाद अंतिम चार उम्मीदवारों की सूची तैयार की गई थी।
पीएम मोदी ने मंच पर इन एस्ट्रोनॉट्स को बुलाया और दुनिया से परिचित कराया। गगनयान के जरिए अंतिरक्ष में जाने की तैयारी कर रहे यात्रियों के नाम ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्ण नायर, ग्रुप कैप्टन अजित कृष्णन, ग्रुप कैप्टन अंगद प्रताप और विंग कमांडर शुभांषु शुक्ला है। कहा जा रहा है कि वायुसेना के ये बहादुर हर तरह के फाइटर जेट्स के बारे में जानते हैं। गगनयान परियोजना के तहत भारतीय स्पेस एजेंसी 400 किमी के ऑर्बिट में क्रू सदस्यों को भेजने की तैयारी कर रही है। इस मिशन के जरिए एस्ट्रोनॉट्स को तीन दिनों के लिए भेजा जाएगा और धरती पर सुरक्षित लैंडिंग कराई जाएगी। पहला मानवरहित मिशन यानी G1 2024 की दूसरी तिमाही में हो सकता है।
12 से 4 पर आई नामों की सूची
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गगनयान मिशन में दिलचस्पी दिखाने वाले टेस्ट पायलट्स में से सिर्फ 12 ही थे, जो सिलेक्शन के पहले चरण को पार कर सके थे। यह साल 2019 में बेंगलुरु में भारतीय वायुसेना यानी IAF के तहत काम करने वाले इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोस्पेस मेडिसिन में आयोजित हुआ था। चयन प्रक्रिया के कई दौर के बाद IAM ने चार नामों पर मुहर लगाई थी। खबरें हैं कि साल 2020 में इसरो की तरफ से चार लोगों को शुरुआती ट्रेनिंग के लिए रूस भी भेजा गया था। यह ट्रेनिंग साल 2021 में खत्म हो गई थी। कहा जा रहा है कि ट्रेनिंग पूरी होने में कोविड-19 के चलते समय लग गया था।

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