रायपुर
राजधानी रायपुर के नेताजी सुभाष स्टेडियम में 17 से 19 फरवरी तक आयोजित मिलेट्स कार्निवल का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मिलेट्स को पहले मेहनतकशों का भोजन समझा जाता था,आज मिलेट्स अमीरों के भोजन बन गया है।क्योंकि सर्वाधिक शुगर के मरीज इसी वर्ग में हैं। मिलेट्स के बीज 12 वर्षों तक सुरक्षित रहता है। इसमें कीट नहीं लगते। मिलेट्स उत्पादन, संग्रहण, प्रसंस्करण से लोगों को रोजगार मिला। मिलेट्स हब के रूप में आज छत्तीसगढ देश में नबंर वन है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मिलेट्स को मध्यान्ह भोजन में शामिल किया जाएगा। देश में पहली बार छत्तीसगढ़ में कोदो, कुटकी और रागी का समर्थन मूल्य घोषित किया गया। इससे हमारे किसानों का उत्साह बढ़ा पहले ही साल में 55 हजार क्विंटल मिलेट्स की खरीदी की गई।कोदो, कुटकी एवं रागी का बाजार मूल्य जहां पहले 12 से 15 रुपए हुआ करता था वह आज बढ़कर 25 से 28 रुपए तक पहुच चुका है।मिलेट्स की खेती करने वाले किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत इनपुट सब्सिडी का लाभ मिल रहा है। राज्य शासन की आर्थिक मदद से कांकेर जिले के नथिया नवागांव में देश के सबसे बड़े मिलेट प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना निजी क्षेत्र में की गयी है।आज 1 लाख 65 हजार हेक्टेयर में मिलेट्स की खेती हो रही है।पहले 70 हजार हेक्टेयर में खेती होती थी। राज्य सरकार के प्रोत्साहन से उत्पादन रकबे में दो से ढाई गुना वृद्धि हुई।

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