ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कर्मफल दाता और न्याय का देवता कहा गया है. शनि देव लोगों को उनके कर्मों के अनुसार, फल और और दंड प्रदान करते हैं. ज्योतिष शास्त्र में उन्हें सबसे क्रूर ग्रह माना गया है. शनि देव सबसे धीमा चलते हैं. वो ढाई साल तक एक राशि में रहते हैं. शनि देव अभी अपनी स्वराशि कुंभ में गोचर कर रहे हैं. वो इसी महीने 29 मार्च को कुंभ राशि से निकल जाएंगे.
शनि देव 29 मार्च को कुंभ से निकलकर मीन राशि में प्रवेश कर जाएंगे. शनि देव मीन राशि में अस्त अवस्था में प्रवेश करेंगे. इसके बाद 6 अप्रैल को ही शनि देव का मीन राशि में उदय होगा. शनि देव का 6 अप्रैल को सुबह 5 बजकर 5 मिनट में मीन राशि में उदय हो जाएगा. शनि देव के मीन राशि में उदित होने से कुछ राशियों के जातकों का भाग्य चमक सकता है. इस दौरान कुछ राशियों के जातकों को हर क्षेत्र में लाभ ही लाभ मिल सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं इन लकी राशियों के बारे में.
कर्क राशि के जातकों के लिए शनि देव का उदय होना बहुत शुभ साबित हो सकता है. शनि देव कर्क राशि के 9वें भाव में उदित होंगे. इस दौरान कर्क राशि वालों का आत्मविश्वास बढ़ सकता है. आय में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. सुख-सौभाग्य मिल सकता है. पैतृक संपत्ति प्राप्त कर सकते हैं. जीनव में शांति रहेगी. शादीशुदा जीवन खुशियों से भरा रहने वाला है.
कन्या राशि के जातकों के लिए शनि देव का उदय होना बहुत लाभदायक साबित हो सकता है. शनि देव कन्या राशि के 7वें भाव में उदित होंगे. इस दौरान कन्या राशि वालों को हर क्षेत्र में सफलता मिल सकती है. धन-धान्य बढ़ सकता है. रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं. करियर में लाभ मिल सकता है. कारोबार में लाभ हो सकता है. नई संपत्ति या वाहन खरीद सकते हैं. मान-सम्मान बढ़ेगा.
धनु राशि के जातकों के लिए शनि देव का उदय होना बहुत अनुकूल साबित हो सकता है. शनि देव धनु राशि के चौथे भाव में उदित होंगे. इस दौरान धनु वालों के आर्थिक हालात अच्छे रहने वाले हैं. करियर में मेहनत से सफलता मिल सकती है. इस दौरान घर परिवार से रिश्तों में और अधिक मधुरता आएगी.

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