बुधनी
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लोकसभा सांसद बनकर दिल्ली पहुंच गए हैं। विदिशा सीट से उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी प्रताप भानु शर्मा को 8.21 लाख रिकॉर्ड वोटों से हराया। शिवराज विदिशा से छठवीं बार सांसद का चुनाव जीते हैं।
शिवराज दिल्ली तो पहुंच गए, मगर सवाल ये है कि उन्हें केंद्रीय कैबिनेट में शामिल किया जाएगा या फिर संगठन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। राजनीति के जानकार कहते हैं कि उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में ही जगह मिलेगी।
रमाकांत भार्गव: विदिशा के पूर्व सांसद रहे। इस बार उनका टिकट काटकर शिवराज को टिकट दिया।
वजह: पार्टी इनाम के तौर पर उन्हें प्रत्याशी बना सकती है। वे शिवराज की पसंद भी माने जाते हैं।
महेश उपाध्याय: सलकनपुर ट्रस्ट के 16 साल से अध्यक्ष।
वजह: शिवराज के करीबी मित्रों में से हैं। धार्मिक पहचान होने से पार्टी उन पर दांव लगा सकती है।
रवि मालवीय: सीहोर भाजपा के जिलाध्यक्ष हैं।
वजह: शिवराज सिंह चौहान के भरोसेमंद हैं। शिवराज को उनके नाम पर भी कोई आपत्ति नहीं होगी।
रघुनाथ भाटी: सीहोर के पूर्व जिलाध्यक्ष हैं।
वजह: बुधनी में मालवीय वर्ग बड़ा वोट बैंक हैं। रघुनाथ भी पूर्व सीएम शिवराज के खास लोगों में गिने जाते हैं।
शिशिर मारुति: भेंरुदा नगर पालिका के अध्यक्ष हैं। पिता भी विधायक रह चुके हैं।
वजह: युवा होने के नाते पार्टी नए चेहरे के तौर पर मौका दे सकती है। साधना सिंह के करीबी लोगों में शामिल हैं।
गुरु प्रसाद शर्मा: मध्यप्रदेश वन विकास निगम के अध्यक्ष रह चुके हैं।
वजह: शिवराज के खास लोगों में शामिल हैं।
नीरज भाटी: नरेंद्र सिंह तोमर के रिश्तेदार हैं।
वजह: नरेंद्र सिंह तोमर के चलते शिवराज सिंह नीरज भाटी का नाम आगे बढ़ा सकते हैं।

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