शिवपुरी
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के माधव टाइगर रिजर्व में मादा बाघ को छोड़ा गया है। जब से वह पिंजरे से छूटी है तभी से वह जंगल में घूम रही है। पार्क सूत्रों ने बताया है कि मादा टाइगर पिछले 24 घंटे में जंगल के 15 किमी के क्षेत्र में भूरा खो से लेकर अन्य स्थानों पर घूमती रही। पार्क प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि अभी मादा टाइगर के लिए यह जंगल नया है। वह पहले पूरे क्षेत्र को देखेगी और परखेगी। पार्क प्रबंधन ने इस नई बाघिन को एमटी-4 नाम दिया है। इसे पन्ना रिजर्व से लाया गया है।
जंगल को समझ रही है बाघिन
पार्क के अधिकारियों का कहना है कि अभी मादा टाईगर को जिस क्षेत्र में छोड़ा गया था। वह अभी उसी क्षेत्र में विचरण कर रही रही है। धीरे-धीरे वह जंगल को समझने के बाद अपना स्थायी आशियाना बनाएगी। अधिकारियों के अनुसार बाघिन किसी पानी किनारे वाली जगह पर आशियाना बनाएगी। बताया जा रहा है कि मादा टाईगर को शिवपुरी के माधव टाइगर रिजर्व के जंगल में छोड़ा गया। पहले तो वह कुछ देर तक टावर के आसपास रही। इसके बाद फिर उसने जंगल में इधर से उधर घूमना फिरना शुरू किया। सूत्रों की माने तो मादा टाइगर की लोकेशन मंगलवार सुबह भूरा खो के पास मिली।
माधव टाईगर रिजर्व में जल्द आएगा एक और बाघ
पार्क अधिकारियों का कहना है कि मादा टाइगर के बाद इसी सेलिंग क्लब वाले क्षेत्र में एक नर टाइगर भी छोड़ा जाना है। इसको लेकर पेंच टाइगर रिजर्व प्रबंधन से बात चल रही है। जैसे ही वह नर टाइगर को पकड़ लेंगे तो जल्द ही उसे माधव टाइगर रिजर्व में सेलिंग क्लब के पास छोड़ दिया जाएगा। फिर पार्क में बाघों की संख्या 6 से बढ़कर 7 हो जाएगी। इसके बाद बाघों की संख्या समय के साथ बढ़ेगी।
जल्द आएगा एक और बाघ
पार्क अधिकारियों का कहना है कि मादा टाइगर के बाद इसी सैलिंग क्लब वाले क्षेत्र में एक नर टाइगर भी छोड़ा जाना है। इसको लेकर पेंच टाइगर रिजर्व प्रबंधन से बात चल रही है। जैसे ही वह नर टाइगर को पकड़ लेंगे तो जल्द ही उसे माधव टाइगर रिजर्व में सैलिंग क्लब के पास छोड़ दिया जाएगा। फिर पार्क में बाघों की संख्या 6 से बढ़कर 7 हो जाएगी। इसके बाद बाघों की संख्या समय के साथ बढ़ेगी।

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