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चाचा-भतीजे की जोड़ी लूटने निकल जाती थी’, CM योगी का सपा पर तीखा हमला

 अंबेडकरनगर
अंबेडकरनगर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा जुबानी हमला बोला है. सीएम योगी ने सपा सरकार के पुराने कार्यकाल को याद करते हुए आरोप लगाया कि उस दौरान प्रदेश में अराजकता और भाई-भतीजावाद का बोलबाला था। 

मुख्यमंत्री योगी ने सपा के शासनकाल की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उस समय युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जाता था. उन्होंने कहा कि जब भी युवाओं के लिए नौकरियां आती थीं, वे योग्यता के आधार पर नहीं मिलती थीं.
सीएम ने आरोप लगाया कि उस दौर में चाचा-भतीजे की जोड़ी लूटपाट करने के लिए निकल पड़ती थी. युवाओं के हकों पर भाई-भतीजे के नाम पर डकैती डाली जाती थी। 

कानून व्यवस्था और गुंडागर्दी पर घेरा
सपा सरकार के दौर की कानून-व्यवस्था को लेकर सीएम योगी ने कहा कि तब राज्य का माहौल पूरी तरह खराब हो चुका था. सहारनपुर, अलीगढ़, हापुड़, एटा, मथुरा और लखनऊ जैसे प्रमुख शहरों में आए दिन दंगे होते थे। 

उन्होंने कहा कि इन दंगों की वजह से उत्तर प्रदेश की छवि इतनी धूमिल हो गई थी कि दूसरे राज्यों के लोग यूपी के युवाओं को शक की नजर से देखते थे. थानों और तहसीलों पर सपा के गुंडों का कब्जा रहता था। 

मुख्यमंत्री ने जनता के बीच प्रचलित उस दौर के डर का जिक्र करते हुए कहा कि आम लोगों के मन में यह बात बैठ गई थी कि जिस गाड़ी में सपा का झंडा होगा, उसमें कोई न कोई गुंडा ही बैठा होगा. उन्होंने कहा कि सपा नेताओं और उनके करीबियों की ओर से अवैध वसूली खुलेआम की जाती थी, जिससे आम जनता त्रस्त थी। 

सपा के सदन में हंगामे पर भी साधा निशाना
जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि एक ओर सरकार प्रदेश के विकास के लिए 59 हजार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट लाई थी, लेकिन सपा ने सदन में हंगामे और अराजकता के जरिए जनता के मुद्दों पर चर्चा ही नहीं होने दी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी लोकतांत्रिक व्यवस्था और नियमों का सम्मान करती है. सरकार जो 59 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट लाई थी, उसमें युवाओं, किसानों, महिलाओं और गरीबों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं थीं।  

सीएम योगी ने बताया कि बजट में सामाजिक न्याय के महापुरुषों के सम्मान की विशेष व्यवस्था थी. महर्षि वाल्मीकि, संत रविदास, डॉ. भीमराव आंबेडकर और छत्रपति शाहूजी महाराज के स्मारकों और मूर्तियों पर छतरी और बाउंड्री वॉल के निर्माण का प्रावधान था. लेकिन सपा को गरीबों के विकास और इन जनहित के मुद्दों से कोई मतलब नहीं है, इसलिए उन्होंने सदन की कार्यवाही बाधित की।