भोपाल
मध्यप्रदेश के आधे हिस्से में 30 मार्च से फिर मौसम बदलेगा। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत 32 जिलों में कहीं बूंदाबांदी तो कहीं बादल छाएंगे। ऐसा 29 मार्च से एक्टिव होने वाले वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की वजह से होगा। हालांकि, अभी एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय है। जिसका असर छतरपुर, सतना, मैहर और रीवा जिलों में देखने को मिल रहा है। इस कारण दिन के टेम्प्रेचर में मामूली गिरावट भी हुई।
भोपाल मौसम विज्ञान केन्द्र से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को प्रदेश में सबसे अधिक 40.2 डिग्री सेल्सियस दिन का तापमान दमोह में दर्ज किया गया, जो सामान्य से चार डिग्री अधिक रहा। प्रदेश में सबसे अधिक 22.6 डिग्री सेल्सियस रात का तापमान भोपाल में दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक रहा।मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान में अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के असर से हवाओं का रुख बार-बार बदल रहा है। बीच-बीच में दक्षिणी हवा चलने के कारण बादल भी छाने लगते हैं। अभी दो दिन तक तापमान में उतार-चढ़ाव का सिलसिला बना रहेगा। भोपाल मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ ईरान के आसपास द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। पूर्वी विदर्भ से लेकर दक्षिणी कर्नाटक तक एक द्रोणिका है। इसके अतिरिक्त 29 मार्च को एक नए पश्चिमी विक्षोभ के भी उत्तर भारत में पहुंचने की संभावना है।
वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि मौजूद मौसम प्रणालियों के असर से हवाओं का रुख बार-बार बदल रहा है। मंगलवार को हवा का रुख दक्षिणी बने रहने से कहीं-कहीं बादल छाने लगे थे। हालांकि, शाम के समय हवा का रुख बदलने से बादल छंट गए। बुधवार-गुरुवार को भी मौसम का मिजाज कुछ इसी तरह बने रहने की संभावना है। इस दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव हो सकता है, लेकिन 29 मार्च को आने वाले पश्चिमी विक्षोभ के असर से 30 मार्च से वातावरण में नमी बढ़ने के कारण बादल छा सकते हैं। कहीं-कहीं हल्की वर्षा भी हो सकती है।

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