लखनऊ
उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा है कि 2023 से बाजार में आई तेजी के बाद प्रदेश का रियल एस्टेट सेक्टर अब आगे बढ़ रहा है।
एनसीआर क्षेत्रों में प्रापर्टी की कीमतों में बढ़ोतरी और निवेशकों का नया भरोसा देखने को मिला है। यूपी रेरा देश के सबसे बड़े रियल एस्टेट इकोसिस्टम की निगरानी कर रहा है, जहां 3000 से ज्यादा प्रोजेक्ट रजिस्टर्ड हैं और हर साल निवेश लगातार बढ़ रहा है।
इंडियन चैंबर आफ कामर्स (आइसीसी) की ओर से गुरुवार को होटल ताज में आयोजित आइसीसी यूपी रियल एस्टेट समिट 2026 में यूपी रेरा अध्यक्ष ने कहा, 2025 में ही प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन 3000 और निवेश 85,000 करोड़ रुपये तक पहुंचा है।
आने वाले समय में यह आंकड़ा 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा, प्रदेश अब इन्फ्रास्ट्रक्चर विस्तार, सरकारी नीतियों, संस्थागत निवेश और बढ़ती शहरी आकांक्षाओं की वजह से एक मल्टी-सिटी ग्रोथ माडल के रूप में तेजी से उभर रहा है। जमीन से जुड़ी हर प्रकार की समस्या का निस्तारण सरकार अति शीघ्र करेगी।
आवास आयुक्त डॉ. बलकार सिंह ने कहा, रियल एस्टेट और हाउसिंग किसी भी राज्य के आर्थिक विकास के सबसे मजबूत संकेतकों में से एक है। आज यूपी के कई क्षेत्रों में यह बदलाव साफ दिखाई दे रहा है।
बीते वर्षों में नीति सुधार, बेहतर कनेक्टिविटी, एक्सप्रेसवे नेटवर्क का विस्तार, एयरपोर्ट विकास और रेरा जैसी संस्थाओं की मजबूत भूमिका ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। आइसीसी के डायरेक्टर जनरल राजीव कुमार सिंह ने कहा, यूपी में विकास केवल एनसीआर तक सीमित नहीं रहा।

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