इंदौर
बुधवार सुबह से बादल छाये रहे और पूर्वी और दक्षिणी पूर्वी हवाएं चली। ग़ौरतलब है कि मंगलवार को सुबह से भी बादल छाए रहे थे और शहरवासियों को गर्मी और उमस का अहसास हुआ था। दोपहर चार बजे बाद शहर में अच्छी वर्षा हुई है।
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक़, उत्तरी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में चक्रवाती हवाओं का घेरा बनने से मंगलवार को मानसून सक्रिय हो गया है। इस वजह से मंगलवार को शाम से रात आठ बजे तक रुक-रुककर शहर के अलग-अलग हिस्सों में वर्षा हुई। एयरपोर्ट स्थित वेदर स्टेशन पर मंगलवार रात आठ बजे तक 11 बजे मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई।
इस दौरान शहर की कई सड़कों और चौराहों पर जलजमाव भी हुआ और वाहन चालक परेशान हुए। वहीं रीगल स्थित मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वेदर स्टेशन पर 27.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। कृषि महाविद्यालय के वेदर स्टेशन पर 36.50 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई।
मौसम विज्ञानी एचएस पांडे के मुताबिक़, उत्तरी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में चक्रवाती हवाओं के कारण मौसम बदला है। लखनऊ से होते हुए पटना की तरफ़ से हवाएं चली। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी के असर से इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन संभाग के ज़िलों में वर्षा हुई। इसके असर से इंदौर में दो दिन भारी वर्षा होने की संभावना है। मंगलवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 4 डिग्री कम 27.4 डिग्री दर्ज किया गया।

More Stories
केंद्र सरकार की जनहित योजनाओं को मध्य प्रदेश सरकार ने लगातार पात्रों तक पहुंचाया: सुरेश पचौरी
मध्यप्रदेश बना भारत का पहला नक्सलमुक्त राज्य, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की – सेट टारगेट से पहले मिली सफलता
ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे: आगरा से ग्वालियर का 4 घंटे का सफर 45 मिनट में, तीन एंट्री और निकासी प्वाइंट तय