मनेंद्रगढ़.
छत्तीसगढ़ के मुखिया भूपेश बघेल के ड्रीम प्रोजेक्ट रीपा से जुड़कर युवा, महिलाएँ और उद्यमी आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। कलेक्टर नरेंद्र कुमार दुग्गा के निर्देशन और जिÞला सीईओ डॉ. आशुतोष चतुवेर्दी के मार्गदर्शन में जिÞले के चिह्नांकित रीपा में आजीविकामूलक गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं।
दूरस्थ वनांचल और आदिवासी बाहुल्य विकासखंड भरतपुर के जनकपुर में शासन के निदेर्शानुसार रीपा का संचालन किया जा रहा है। रीपा से जुड़कर समूह की महिलाएँ विभिन्न स्व-रोजगार कर रही हैं। समूह की सदस्य श्रीमती पिंकी बाधवानी ग्रामीण अंचल में अपने परिवार के साथ रहकर सीमित साधनों के साथ अपने जीवन निर्वहन कर रही थी।
समूह की महिलाओं के साथ कुछ नया कर गुजरने की चाह लिए अवसर की तलाश में रीपा योजनांतर्गत ग्राम – जनकपुर में रेडीमेड क्लॉथ स्टिचिंग इकाई स्थापित की गई, जिससे वर्तमान में उनके साथ 06 महिला उद्यमियाँ प्रशिक्षण प्राप्त कर कार्य कर रही हैं। उनके द्वारा अब तक लगभग 250 पेटीकोट की बिक्री करके 24 हजार 500 रुपये का आय अर्जित किया गया है। समूह में दीदीयाँ क्लॉथ स्टिचिंग इकाई का सफल संचालन कर अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। उनकी सिलाई से प्रभावित होकर उन्हें आँगनबाड़ी और स्कूल के ड्रेस बनाने का आॅर्डर मिला है। इस योजना ने ग्रामीण महिलाओं को सीधे तौर पर रोजगार उपलब्ध कराया है, साथ ही उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त होकर आत्मनिर्भर बनने की राह में अग्रसर किया है।

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